लेखनी कहानी -13-Nov-2023
दीपावली पर्व पावन
दीपावली पर्व पावन
आज खिला-खिला है मन
खुशियों से भरी धरती
एहसास से भरा है गगन।
जिन्दगी की भाग-दौडत्र में
छुट गए थे जो संगी-साथी
आज दीपावली की पावन बेला में
बने हैं दिया और बाती।
रौशनी और सफायी का खेल
दीपावली है मन का मेल।
Shashank मणि Yadava 'सनम'
14-Nov-2023 08:12 AM
सुन्दर सृजन
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Gunjan Kamal
13-Nov-2023 06:47 PM
👏👌
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Reena yadav
13-Nov-2023 06:02 PM
👍👍
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