Rajeev kumar

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लेखनी कहानी -13-Nov-2023

दीपावली पर्व पावन

दीपावली पर्व पावन
आज खिला-खिला है मन
खुशियों से भरी धरती
एहसास से भरा है गगन।

जिन्दगी की भाग-दौडत्र में
छुट गए थे जो संगी-साथी
आज दीपावली की पावन बेला में
बने हैं दिया और  बाती।

रौशनी और सफायी का खेल
दीपावली है मन का मेल।

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3 Comments

सुन्दर सृजन

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Gunjan Kamal

13-Nov-2023 06:47 PM

👏👌

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Reena yadav

13-Nov-2023 06:02 PM

👍👍

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